
Introduction
Product management या उत्पाद प्रबंधन कम्पनी के उत्पादों को सफल बनाने और उन्हें विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता हैं।
यह ग्राहकों की आवश्यकताओं को पूरा करने और बाज़ार की मांग के अनुसार उत्पाद में बदलाव करने में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता हैं।
Product manager (उत्पाद प्रबंधक) कम्पनी के उत्पादों से सम्बंधित रणनीतियां बनाने, उन्हें अधिक प्रभावी रुप से लागू करने, उत्पाद को विकसित करने और उत्पाद को सही समय पर बाज़ार में लाने जैसी जिम्मेदारियों को पूरा करता हैं।
इसलिए उद्यमियों के लिए product management और product managers दोनो को समझना जरुरी हैं।
यह लेख product management और product managers दोनो पर गहराई से जानकारी प्रदान करने में सहायक होगा।
What is Product Management?
Product management पर विस्तार से चर्चा करने से पहले product management क्या होता हैं? यह समझते हैं-
Product management को हिन्दी में ‘‘उत्पाद प्रबंधन’’ कहते हैं।
उत्पाद प्रबंधन का अर्थ किसी उत्पाद की योजना बनाने, उसे विकसित करने, उत्पाद को सही समय पर बाज़ार में उतारने और उत्पाद के पूरे जीवनचक्र (lifecycle) में उसको सही तरह से प्रबंधित करने की प्रक्रिया हैं।
इसमें engineering, marketing और sales से सम्बंधित प्रक्रियाओं को भी शामिल किया जा सकता हैं।
बहुत से स्टार्टअप्स, कम्पनियां, व्यापारी या उद्यमी किसी प्रकार का उत्पाद ना बनाकर किसी प्रकार की सेवा (service) प्रदान करते हैं।
इसलिए कोई इंसान product management पर जानकारी लेते समय service management जैसे शब्द के बारे में भी उत्सुक हो सकता हैं।
इन दोनों का अर्थ लगभग समान ही हैं।
दोनों में ग्राहको पर ध्यान केंद्रित करना शामिल है।
उत्पाद प्रबंधन (product management) ग्राहकों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उत्पादों को बनाने और सुधारने पर ध्यान केंद्रित करता है, जबकि सेवा प्रबंधन (service management), उत्पादों या सेवाओं के साथ सकारात्मक ग्राहक अनुभव प्रदान करने और उसे बनाए रखने पर ध्यान केंद्रित करता है।
इस तरह इस लेख को service management के नज़रिए से भी समझा जा सकता हैं।
तो, उत्पाद प्रबंधन व्यावसायिक उद्देश्यों और ग्राहकों की ज़रूरतों के अनुरूप अपने उत्पाद या सेवा को प्रबंधित करना कहलाता हैं।
The Role of a Product Manager: Responsibilities, Skills, and Impact
व्यवसायिक दुनिया में product manager की भूमिका बहुत ही महत्वपूर्ण होती हैं।
यह व्यवसाय और ग्राहकों के बीच किसी पुल की तरह कार्य करता हैं और उत्पादों के सफल विकास और वृद्धि को सुनिश्चित करता हैं।
What is a Product Manager?
Product Manager को हिन्दी में ‘‘उत्पाद प्रबंधक’’ कहा जाता हैं। इसे ‘‘PM’’ भी कहा जाता हैं।
एक उत्पाद प्रबंधक किसी उत्पाद को बनाने के विचार से लेकर, उत्पाद को बाज़ार में उतारने तक और उत्पाद में महत्वपूर्ण बदलाव करने तक हर कार्य के लिए जिम्मेदार होता हैं।
इस तरह कहा जा सकता हैं कि वह उत्पाद के संपूर्ण जीवनचक्र के लिए जिम्मेदार होता है।
इन महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों को निभाने के लिए तकनीकी ज्ञान और रचनात्मकता के अनूठे मिश्रण की आवश्यकता होती है।
Key Responsibilities of a Product Manager
Product management में product manager के महत्व और product manager किसे कहा जाता हैं? यह समझने के बाद product manager की प्रमुख जिम्मेदारियों को समझना भी जरुरी हैं, जो कि इस प्रकार से है-
1. Defining Product Vision and Strategy
उत्पाद प्रबंधक, बाज़ार पर अनुसंधान करते हैं और ग्राहको की प्रतिक्रिया पर नज़र रखते हैं।
यह कम्पनी के लिए दीर्घकालिक लक्ष्य और प्रभावी रणनीतियां निर्धारित करते हैं।
साथ ही यह लक्ष्यों प्राप्त करने और रणनीतियों को लागू करने की रुपरेखा भी तैयार करते हैं।
2. Understanding Customer Needs
उत्पाद प्रबंधक की प्रमुख जिम्मेदारियों में से एक ग्राहकों से सम्बंधित जानकारी इकट्ठा करना, उनकी प्रतिक्रिया का विश्लेषण करना और उनके pain points की पहचान करना हैं।
3. Prioritizing Features and Managing the Product Roadmap
संसाधन हमेशा सीमित होते हैं, इसलिए उत्पाद प्रबंधक को यह तय करना होता हैं कि संसाधनो को उपयोग कैसे किया जाए?
वह सबसे अधिक आश्यक कार्यों को प्राथमिकता देता हैं, जिससे संसाधनों का उचित उपयोग हो सके।
4. Collaboration with Cross-Functional Teams
एक उत्पाद प्रबंधक कम्पनी में कार्यरत टीमों के बीच पुल के रुप में कार्य करता हैं।
वह engineers, designers और marketers के मध्य कार्य करता हैं।
5. Data-Driven Decision Making
उत्पाद प्रबंधक, उत्पाद को सफल बनाने के लिए data analytics और key performance indicators (KPIs) का मूल्यांकन करते हैं।
6. Managing Stakeholders and Communication
उत्पाद प्रबंधक, कम्पनी के उच्च अधिकारियों, निवेशकों, ग्राहकों सहित विभिन्न हितधारकों (stakeholders) के साथ प्रभावी ढंग से संवाद करते हैं।
7. Overseeing Product Development and Launch
उत्पाद के पहले prototype से लेकर उत्पाद को launch करने तक, उत्पाद प्रबंधक हर कार्य और जिम्मेदारी को समयसीमा के अनुसार पूरा करते हैं।
साथ ही यह बाज़ार के रुझानों और उत्पाद के प्रतियोगियों पर भी नज़र रखते हैं।
Essential Skills of a Product Manager
Product Manager (उत्पाद प्रबंधक) की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी लेने से यह पता चलता हैं कि product manager का पद किसी भी कम्पनी के व्यवसायिक पदानुक्रम (business hierarchy) में बहुत ही महत्वपूर्ण होता हैं।
यह उत्पाद को सफल भी बना सकता है और इनके कारण उत्पाद असफल भी हो सकता हैं, इसलिए कम्पनी में product manager (उत्पाद प्रबंधक) के पद पर सही व्यक्ति की नियुक्ति होनी चाहिए।
उत्पाद प्रबंधक के पद पर सही व्यक्ति की नियुक्ति करने के लिए एक व्यक्ति में महत्वपूर्ण जरुरी कौशल (essential skills) होनी चाहिए, जो कि इस प्रकार से हैं-
1. Strategic Thinking
एक बेहतर product manager प्रभावी रणनीति बनाने के लिए market trends, competitive landscapes और business dynamics का विश्लेषण करता हैं।
2. Technical Knowledge
एक product manager को engineering के क्षेत्र से सम्बंधित सभी विषयों का ज्ञान होना जरुरी नही हैं, लेकिन उसे उत्पाद विकसित करने की तकनीक का ज्ञान होना जरुरी हैं।
3. Analytical Skills
Product manager को metrics का विश्लेषण करने की जानकारी होनी चाहिए।
4. Leadership and Collaboration
Product manager कई टिमों के साथ कार्य करता हैं, इसलिए उसमें नेतृत्व करने और अन्य कर्मचारियों के साथ सहमति बनाने का कौशल होना चाहिए।
5. Problem-Solving Ability
Product managers में उत्पाद विकसित करने के बीच आ रही समस्याओं को हल करने की क्षमता होनी चाहिए।
6. Communication Skills
Product managers में जटिल विचारों को समझाने की क्षमता होनी चाहिए।
The Impact of a Product Manager
एक product manager किसी कम्पनी की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता हैं।
वह ऐसे उत्पाद को विकसित करने में योगदान देता हैं जो कम्पनी को लाभ पहुंचा सके।
वह ग्राहको को संतुष्ट करने में योगदान देता हैं और उत्पाद को ‘‘brand’’ बनाने में भी योगदान देता हैं।
वह कम्पनियों को बदलते बाज़ार के अनुकूल ढलने, प्रतिस्पर्धियों से आगे रहने और निरंतर नवाचार करते रहने में सक्षम बनाते हैं।
The Product Management Process
Product management का अर्थ और product manager पर विस्तार से चर्चा करने के बाद product management process (उत्पाद प्रबंधन की प्रक्रिया) को समझने की बारी आती हैं।
उत्पाद प्रबंधन की प्रक्रिया को समझना ही product management के इस लेख का सार हैं।
अन्य प्रक्रियाओं की तरह इस प्रक्रिया में भी अलग-अलग चरण होते हैं। जिन्हें एक के बाद एक सफलतापूर्वक पूरा करने से उत्पाद प्रबंधन में सफलता पाई जा सकती हैं।
1. Idea Generation
स्टार्टअप शुरु करने के लिए जिसकी सबसे अधिक आवश्यकता होती है, वह एक बिजनेस आईडिया होता है।
जिसके पास कोई बिजनेस आईडिया नही है, वह व्यापार शुरु नही कर सकता है। चाहे वह इंसान कितना ही अधिक ज्ञानी या कुशल क्यूं ना हो?
इसलिए उत्पाद प्रबंधन के लिए किसी उत्पाद का आईडिया होना जरुरी हैं। इसी को बिजनेस आईडिया कहा जाएगा।
2. Idea Screening
किसी व्यापारी का उत्पाद और उसका बिजनेस आईडिया लगभग समान ही होते है।
बिजनेस आईडिया एक व्यापारी का मानसिक विचार होता है, जिसकी सहायता से वह व्यापार शुरु करता है। जबकि उत्पाद एक व्यापारी के आईडिया का वास्तविक रुप होता है, जिसे वह ग्राहको को बेचता है।
Idea Screening एक प्रक्रिया है, जिसकी सहायता से कुछ बिजनेस आईडियाज़ में से सबसे बेहतर बिजनेस आईडिया को पहचाना जा सकता है।
3. Concept Development and Testing
इस प्रक्रिया में उत्पाद को बनाने की आधारभूत संरचना तैयार की जाती है और उसका परीक्षण किया जाता है।
4. Business Analysis
एक व्यापारी का बिजनेस आईडिया और उसके द्वारा बनाया गया उत्पाद लगभग समान ही होते है।
इसलिए उत्पाद का विश्लेषण करने से पहले आईडिया का विश्लेषण करना चाहिए।
इस स्तर में अपने बिजनेस आईडिया या संस्थापक के मानसिक विचार का अध्ययन किया जाता है।
जिसमें अपने उत्पाद से सम्बंधित आंकड़ों का विश्लेषण भी किया जाता है।
5. Product Development
अपने बिजनेस आईडिया को पहचानने, सही उत्पाद के निर्माण का फैसला लेने, उत्पाद निर्माण की आधारभूत संरचना को समझने और उत्पाद से सम्बंधित आंकड़ों का अध्ययन करने के बाद उत्पाद के निर्माण की बारी आती है।
इस स्तर में उत्पाद के prototype या product sample का निर्माण किया जाता है।
जिसमें उत्पाद को वास्तविक रुप देने का प्रयास किया जाता है।
6. Market Testing
जैसा कि इसके नाम से ही स्पष्ट है कि इसमें बाज़ार से सम्बंधित परीक्षण किए जाते है।
उत्पाद का निर्माण पूरा होने के बाद बाज़ार से सम्बंधित परीक्षणों में बाज़ार और ग्राहकों का चुनाव करना शामिल होता हैं।
7. Commercialization
यह उत्पाद के निर्माण का आखरी स्तर है। इससे पहले के सभी स्तरों को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद अपने उत्पाद को बाज़ार में उतारने की बारी आती है।
इस स्तर को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए उत्पाद से सम्बंधित जितनी अधिक जानकारी होगी, उतना ही बेहतर होगा।
8. Post-Launch Evaluation
1 से 7 तक के सभी चरणों को पूरा करने बाद post-launch evaluation की बारी आती है।
इस चरण में बाज़ार में लाए गए उत्पाद के प्रदर्शन का विश्लेषण किया जाता है और उसे बेहतर बनाया जाता है।
Future Trends in Product Management
कोई भी कम्पनी अपने उत्पाद या सेवा के कारण सफल होती हैं, इसलिए कम्पनियां और कम्पनी के संस्थापक और उच्च अधिकारी, product management के महत्व को समझते हैं।
Product management से सम्बंधित तकनीक की मांग अधिक होने के कारण ऐसी तकनीक विकसित और आधुनिक होती जा रही हैं।
साथ भविष्य में यह अधिक विकसित और आधुनिक होगी, ऐसा अनुमान लगाया जा सकता हैं।
उत्पाद प्रबंधन से सम्बंधित ज्ञान लेने में इसके भविष्य की तकनीक के बारे में जागरुक रहना भी उत्पाद प्रबंधन में सहायता कर सकता हैं।
नए उद्यमियों के लिए उत्पाद प्रबंधन के भविष्य के बारे में जागरुक रहना सहायक हो सकता हैं। वह अपना स्टार्टअप शुरु करते समय उत्पाद निर्माण के क्षेत्र में इन तकनीकों की सहायता ले सकते हैं और जल्दी सफल हो सकते हैं।
1. AI and Automation in Product Management
Artificial Intelligence (AI) और automation उत्पाद से सम्बंधित निर्णय लेने के लिए, प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए, जानकारी का विश्लेषण करने के लिए उपयोग में लाए जा रहे हैं।
साथ ही यह दोहराए जाने वाले कार्यों को स्वचालित करके उत्पाद प्रबंधन को नया रुप दे रहे हैं।
AI-powered analytics, ग्राहको के व्यवहार के बारे में जानकारी प्राप्त करने में, workflows को optimize करने में, पूर्वानुमान की सटीकता में सुधार करने में महत्वपूर्ण योगदान करते हैं।
2. The Rise of Product-Led Growth (PLG)
Product-led growth (PLG), उत्पाद प्रबंधन के क्षेत्र में एक उभरता हुआ trend हैं।
इसमें विभिन्न कम्पनियां customer acquisition और retention को बढ़ावा देने के लिए अपने उत्पाद के मूल्य पर निर्भर करती हैं।
केवल sales teams पर निर्भर रहने के बजाय PLG एक असाधारण उपयोगकर्ता अनुभव प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित करता है।
3. Remote Work and Virtual Teams in Product Development
Remote work का चलन बढ़ता जा रहा हैं। इसके कारण product teams अलग-अलग locations और time zones वितरित हो रही हैं।
इस बदलाव के लिए product managers को new collaboration tools, asynchronous communication methods और flexible work structures को अपनाने की आवश्यकता है।
4. Increasing Focus on Ethical & Sustainable Product Development
उपभोक्ता और व्यवसाय दोनो ही नैतिक और पर्यावरणीय विचारों के प्रति अधिक जागरूक हो रहे हैं।
उत्पाद प्रबंधक अब उत्पाद डिजाइन में स्थिरता को शामिल कर रहे हैं, वह carbon footprints को कम कर रहे हैं।
साथ ही उत्पाद प्रबंधक बढ़ती सामाजिक अपेक्षाओं के साथ तालमेल बिठाने के लिए ethical sourcing और data privacy सुनिश्चित कर रहे हैं।
Conclusion
Product management गतिशील और रणनीतिक भूमिका है।
इसकी गतिशील और रणनीतिक भूमिका को बनाए रखने के लिए business goals, technology और user experience का संतुलन बनाए रखना आवश्यक हैं।
उत्पाद प्रबंधन के क्षेत्र में आवश्यक कौशल को विकसित करके और उत्पाद प्रबंधन की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक लागू करके उत्पाद प्रबंधक भी सफलता हासिल कर सकता हैं।
ऐसा करने से वह ग्राहको के लिए एक प्रभावी उत्पाद भी बना सकता हैं और कम्पनी की सफलता में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकता हैं।