
Introduction
Business Communication किसी भी संगठन की सफलता की नींव हैं। इसलिए इसे स्टार्टअप्स और कम्पनियों की सफलता की चाबी भी माना जा सकता हैं।
व्यापार में सफलता हासिल करने के लिए प्रभावी संचार (communication) बहुत ही जरुरी हैं, चाहे वह आपके कर्मचारियों के बीच हो, ग्राहकों के बीच हो, suppliers के बीच हो या stakeholders के बीच हो।
एक प्रभावी व्यवसायिक संचार, व्यसाय की उत्पादकता और विकास में योगदान देता हैं।
व्यापारियों के लिए प्रभावी संचार बहुत ही महत्वपूर्ण कौशल हैं। चाहे आप ग्राहकों के साथ बातचीत कर रहे हों, कर्मचारियों को प्रेरित कर रहे हों या अन्य व्यापारियों के साथ सम्पर्क स्थापित कर रहे हों, मजबूत संचार दूसरो को प्रभावित करने में सहायता कर सकता है।
इस लेख में हम व्यवसायिक संचार (business communication) पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
Definition of Business Communication
Business Communication पर विस्तार से चर्चा करने से पहले इसकी परिभाषा समझते हैं-
Business Communication को हिन्दी में ‘‘व्यवसायिक संचार’’ कहते हैं।
परिभाषा- ‘‘व्यावसायिक संचार से तात्पर्य व्यावसायिक उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए संगठन के भीतर और बाहर सूचनाओं, विचारों और संदेशों के आदान-प्रदान से है। इसमें निर्णय लेने, सहयोग करने और परिचालन दक्षता (operating efficiency) के लिए उपयोग की जाने वाली मौखिक, लिखित और डिजिटल संचार विधियाँ शामिल हैं।’’
Key Aspects of Business Communication
व्यावसायिक संचार के मुख्य पहलू भी होते हैं, जिन्हें समझना जरुरी हैं और जो इस प्रकार से हैं-
1. Internal Communication (आंतरिक संचार)
इसमें संगठन में होने वाले आंतरिक संचार को शामिल किया जा सकता हैं, जैसे- emails, meetings, reports.
2. External Communication (बाहरी संचार)
इसमें संगठन में होने वाले बाहरी संचार को शामिल किया जा सकता हैं, जैसे- marketing, negotiations, public relations.
3. Formal Communication (औपचारिक संचार)
इसमें संगठन में होने वाले औपचारिक संचार को शामिल किया जा सकता हैं, जैसे- official reports, corporate announcements.
4. Informal Communication (अनौपचारिक संचार)
इसमें संगठन में होने वाले अनौपचारिक संचार को शामिल किया जा सकता हैं, जैसे- casual conversations, networking.
Importance of Understanding Human Behaviour in Business (व्यापार में मानव व्यवहार को समझने का महत्व)
Business Communication, संचार का भाग हैं और संचार मानव व्यवहार का भाग हैं। इसलिए business communication के अपने महत्व का समझने से पहले मानव व्यवहार के महत्व को समझने की जरुरत हैं और व्यापार को सफल बनाने के लिए मानव व्यवहार के योगदान को समझने की जरुरत हैं।
मानव व्यवहार को समझना ना सिर्फ व्यापार में बल्कि यह सामान्य जीवन के अन्य पहलुओं में भी सहायता करेगा और आपके व्यक्तिगत विकास में योगदान देगा।
तो,
अब प्राचीन काल जैसा समय नही रहा हैं, जहां लोग अलग-अलग समूहों में, कबीलों में या राज्यों में विभाजित रहते थें, जिनका एक-दूसरे के साथ कोई संपर्क नही था।
(प्राचीन काल में ऐसे बहुत कम समूह, कबीलें या राज्य थे, जिनका एक-दूसरे के साथ संपर्क था।)
संचार के सम्बंध में आज का समय पूरी तरह से बदल गया हैं। एक देश में लिए जाने वाले फैसले दूसरे देश की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करते हैं। अपने कार्यालय में बैठे हुए अपने उत्पाद की कीमत को कम या अधिक करना, कही दूर देश में रहने वाले लोगो के जीवन पर असर डालता हैं।
दुनिया के 8 अरब लोग एक-दूसरे के साथ किसी-न-किसी प्रकार से जुड़े हुए हैं, जैसे यह एक सिस्टम हों।
इंटरनेट के कारण एक जगह पर कही गई बातें तुरंत ही दूसरी जगह तक पहुंच जाती हैं।
यह सब इसलिए संभव हो पाया हैं, क्योंकि हर कोई अपने जीवन को बेहतर बना रहा हैं। क्योंकि वह सिस्टम का ही एक भाग हैं, इसलिए उसका प्रभाव सिस्टम पर भी होता हैं और साथ ही समाज और देश पर होता हैं।
इससे वह अपने जीवन को बेहतर और आरामदायक बनाने के साथ ही सिस्टम को भी बेहतर और आरामदायक बनाता चला जाता हैं।
लोग सिस्टम बनाते हैं, ना कि सिर्फ एक इंसान।
आज की दुनिया ऐसी है, क्योंकि लोगो ने इसे ऐसा बनाया हैं, उनके व्यवहार ने ऐसी दुनिया बनाई हैं।
व्यापार में लोगो के साथ व्यवहार पर ध्यान देना इसलिए जरुरी है क्योंकि किसी भी कम्पनी का सबसे पहला और सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्य लाभ कमाना होता है, जो कि ग्राहको से या फिर कहा जाए कि लोगो से आता है।
उत्पाद की पसंद या नापसंद को लोग नियंत्रित करते है। इसी कारण से मानव व्यवहार से सम्बंधित विषयों या ज्ञान का महत्व समझ में आता है।
How to Understand Human Behaviour
Business Communication का महत्व हर क्षेत्र में हैं, लेकिन व्यापार में यह अधिक महत्वपूर्ण हैं।
Business Communication, मानव व्यवहार और अन्य लोगो के साथ किए जाने वाले व्यवहार का एक महत्वपूर्ण भाग हैं।
लोगो के साथ किया जाने वाला व्यवहार, व्यापार को सफल बनाने में अपना एक अलग महत्व रखता हैं।
मानव व्यवहार पर कई किताबें लिखी जा चूकी हैं, इसके बारे में बहुत कुछ कहा जा चूका हैं। जो सामान्य लोगो को समझने में बहुत कठिनाई होती हैं।
एक आदर्श मानव व्यवहार किसे कहा जाता हैं? और एक आदर्श मानव व्यवहार कैसे किया जाए? इन सवालों के बारे में सामान्य लोगो में एक तरह का संकोच बना ही रहता हैं। इन सवालों के जवाबो का जानने की जरुरत हैं, जो कि इस प्रकार से हैं-
मानव व्यवहार या एक आदर्श मानव व्यवहार सामान्य रुप से सिर्फ दो पहलुओं पर निर्भर करता हैं- एक हैं body language और दूसरा हैं communication.
किसी भी मानव या प्राणी के द्वारा किया जाने वाला व्यवहार, लगभग हर जगह, हर समय और हमेशा इन्हीं दो पहलुओं से अभिव्यक्त किया जाता हैं या उसे समझा जाता हैं।
एक व्यापारी हमेशा अपने कर्मचारियों और अपने साथियों से घिरा हुआ रहता हैं, उसे हर दिन सौदेबाज़ी करनी होती हैं, उसे हमेशा ग्राहको के व्यवहार की भविष्यवाणी करनी पड़ती हैं।
इसलिए एक व्यापारी के लिए, व्यापार में आदर्श व्यवहार को अपनाना जरुरी हैं, जिससे वह अपने व्यापार को सफल बना सके।
मानव व्यवहार के दो सबसे अधिक महत्वपूर्ण पहलुओं body language और communication में से हम इस लेख में communication पर चर्चा कर रहे हैं।
The Importance of Business Communication
भाषाओं के अविष्कार से पहले संदेशों के आदान-प्रदान के लिए शारीरिक भाषा का ही उपयोग होता था, लेकिन इसकी अपनी सीमाएं भी थी।
जो इंसान जिस इंसान को संकेत दे रहा था, उनका आमने सामने होना जरुरी था। दूसरे इंसान द्वारा अपने लोगो या दूसरे कबिलो को संदेश भेजना चुनौतीभरा तो था ही लेकिन इसमें संदेश को गलत तरीके से पेश किए जाने या गलत समझे जाने की भी आशंका रहती थी। इसलिए मानव ने चिन्हों का प्रयोग किया।
किसी विशेष संदेश या बातचीत के लिए किसी विशेष चिन्ह का प्रयोग किया जाने लगा। इससे संदेश भेजना अधिक आसान और स्पष्ट हो गया।
दुनियां के कई क्षेत्रो में ऐसी भाषाएं मिली है जिन्हें कोई आज तक नही पढ़ पाया है या समझ नही पाया है, यह भाषा ना होकर उस जमाने के चिन्हे रहे होंगे। अपने समय में इनका कुछ विशेष अर्थ रहा होगा।
भाषा के अविष्कार के बाद उन चिन्हों को महत्व नही दिया गया होगा। इसलिए वैसे चिन्ह सिर्फ उसी जगह पाए जाते है और किसी विशेष समय अवधि से सम्बंधित पाए जाते है।
तो मानव व्यवहार से शारीरिक भाषा और शारीरिक भाषा से चिन्ह और संकेत। लेकिन स्पष्टता अभी भी अस्पष्ट ही थी। इसलिए भाषा का अविष्कार हुआ।
व्यक्ति, वस्तु और स्थान को विशेष नाम देने की जरुरत महसूस की गई, साथ ही शब्दकोश की रचना और व्याकरण के नियम बनाए गए। जिससे संदेश भेजना, बात करना, अपनी अनुभूति और भावनाओं को शब्दो से पेश करना आसान हो गया।
अपनी बात को मजबूती से दूसरो तक पहुंचाना, जिससे वह भावनात्मक रुप से भी जुड़ सके, इसके लिए साहित्य लिखा जाने लगा। अपनी सेना में जोश और उत्साह भरने के लिए भाषण दिये जाने लगे जो आज राजनेता या मोटिवेशनल स्पीकर करते है।
बहुत से लोगो ने सिर्फ अपने शब्दो के जरिए ही दुनिया पर असर डाला है। जैसे कि दार्शनिक, कवि, लेखक, राजनेता, मोटिवेशनल स्पीकर।
व्यापार में कर्मचारियों को कैसे समझाया जाए कि उन्हें क्या काम करना है? निवेशको के पास जाने के लिए किस कौशल की सबसे अधिक आवश्यकता है? विज्ञापनो को ग्राहको तक पहुंचाने या उत्पाद की विशेषताओं को ग्राहको तक पहुंचाने के लिए किसकी जरुरत होती है? हिस्सेदारी को सही से बाटंने के लिए सौदेबाजी में सबसे ज्यादा किस रणनीति का सहारा लिया जाता है? एक व्यापारी किस कौशल में दूसरो से अधिक कुशल होता है? इन सबका जवाब business communication है।
How to Develop Business Communication Skills
हमनें business communication का परिचय और इसकी परिभाषा समझी, business communication के मुख्य पहलुओं को समझा।
व्यापार में मानव व्यवहार को समझने का महत्व, मानव व्यवहार को कैसे समझा जाए? इस सवाल का जवाब जाना और communication या संचार के अविष्कार पर चर्चा की।
इनका निष्कर्ष यह हैं कि स्टार्टअप शुरु करने के लिए, कम्पनी को सफल बनाने के लिए या व्यापार में सफलता हासिल करने के लिए business communication (व्यवसायिक संचार) का कौशल विकसित होना जरुरी हैं।
व्यवसायिक संचार एक तरह का कौशल (skill) हैं और दूसरे कौशल की तरह इसे भी विकसित किया जा सकता हैं।
किसी भी कौशल को विकसित करने के लिए उसे समझना जरुरी हैं, उसके प्रकारो के बारे में जानकारी होना जरुरी हैं और उसे विकसित करने की प्रक्रिया को जानना भी जरुरी हैं।
नीचे business communication के प्रकार और इसे विकसित करने के कुछ महत्वपूर्ण टिप्स दिये गए हैं, जो business communication के कौशल को विकसित करने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
Types of Business Communication
Business communication का तात्पर्य व्यवसायिक लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए कम्पनी के भीतर और बाहर की सूचनाओं के आदान-प्रदान से हैं।
इसे direction (दिशा), mode (प्रक्रिया) और purpose (उद्देश्य) के आधार पर विभिन्न प्रकारों में वर्गीकृत किया जा सकता है-
1. Based on Direction (दिशा के आधार पर)
- Upward Communication जैसे- reports, feedback, suggestions.
- Downward Communication जैसे- instructions, policies, announcements.
- Lateral (Horizontal) Communication जैसे- collaboration, teamwork.
- Diagonal Communication जैसे- जब एक junior employee सीधे किसी senior executive से चर्चा करता हैं।
2. Based on Mode (प्रक्रिया के आधार पर)
- Verbal Communication जैसे- meetings, phone calls, presentations.
- Written Communication जैसे- Emails, reports, memos, business letters, documents.
- Non-Verbal Communication जैसे- body language, facial expressions, tone of voice, gestures.
- Visual Communication जैसे- charts, graphs, infographics, videos का उपयोग।
3. Based on Purpose (उद्देश्य के आधार पर)
- Internal Communication जैसे- emails, meetings, reports.
- External Communication जैसे- marketing, negotiations, public relations.
- Formal Communication जैसे- official reports, corporate announcements.
- Informal Communication जैसे- casual conversations, networking.
Communication Tips for Businessman
एक प्रभावी communication विकसित करने के लिए नियमित अभ्यास की जरुरत होती हैं, इसके लिए निम्न प्रकार की युक्तियां (tips) उपयोग में लाई जा सकती हैं-
1. Be Clear and Concise (स्पष्ट और संक्षिप्त रहें)
समय बहुत ही कीमती हैं। इसलिए किसी प्रकार की meeting हो या कोई presentation हो, अपने निष्कर्ष पर पहुंचने में जरुरत से अधिक समय ना लें।
हमेशा अनावश्यक विवरण देने से बचें और यह सुनिश्चित करे कि आपका संदेश सरलता और सीधी भाषा में लोगो तक पहुंच सके।
2. Listen More Than You Speak (बोलने से अधिक सुनने पर ध्यान दे)
Active listening एक बहुत ही महत्वपूर्ण कौशल है, जो कम ही लोगो में पाया जाता हैं।
सामने वाले को ध्यान से सुने, उनसे प्रश्न पूछे और फिर उन्हें ध्यान से सुने। इससे विश्वास बढ़ता है और सम्मान प्रदर्शित होता है।
3. Master Non-Verbal Communication (गैर-मौखिक संचार में महारत हासिल करें)
Body language (शारीरिक भाषा), facial expressions (चेहरे के भाव) और tone of voice (आवाज का स्वर) इस बात में अहम भूमिका निभाते है कि आपका संदेश कैसे प्राप्त होता है?
सही eye contact रखें, खुली शारीरिक भाषा का उपयोग करें और यह सुनिश्चित करे कि आपकी tone आपके इरादे से मेल खाती हो।
4. Adapt Your Communication Style (अपनी संचार शैली को अनुकूलित करें)
हर इंसान एक ही तरह से संवाद नही करता हैं, सभी इंसानों के संवाद करने की अपनी-अपनी शैली (style) होती हैं।
बहुत से लोग प्रत्यक्ष चर्चा करना पसंद करते हैं, जबकि बहुत से लोग अप्रत्यक्ष रुप से संवाद करने में अधिक विश्वास करते हैं।
दोनो रुप में से सबसे बेहतर का चुनाव करना आपकी अपनी संवाद शैली पर निर्भर करता हैं, इसलिए बेहतर जुड़ाव के लिए अपने दर्शकों के अनुरूप अपनी संचार शैली को ढालें।
5. Use Storytelling to Influence (प्रभाव डालने के लिए कहानी सुनाने का प्रसाय करें)
तथ्य और आंकड़े महत्वपूर्ण होते हैं, लेकिन कहानियाँ भावनात्मक संबंध बनाती हैं। इसलिए कहानियों का अपना महत्व हैं।
इसलिए विचार प्रस्तुत करते समय या अपने संदेश को यादगार और सम्मोहक बनाने के लिए कहानी सुनाने प्रयास करें।
6. Practice Persuasive Communication (प्रेरक संचार का अभ्यास करें)
चाहे आप किसी सौदे पर बातचीत कर रहे हों या अपनी टीम को प्रेरित कर रहे हों, अनुनय (persuasion) महत्वपूर्ण है। स्थायी प्रभाव बनाने के लिए तर्क, विश्वसनीयता और भावनात्मक अपील का उपयोग करके मजबूत तर्क बनाएँ।
7. Handle Difficult Conversations with Diplomacy (कूटनीति के साथ मुश्किल बातचीत को संभालें)
व्यवसाय करते समय हमेशा एक जैसी परिस्थितियां नही रहेगी, कई प्रकार के उतार-चढ़ाव आते रहेंगे।
संघर्षों की परिस्थिति में अपने कर्मचारियों को संबोधित करते समय शांत रहें और हमेशा समाधान खोजने पर ध्यान दे।
साथ ही हमेशा मुद्दों को रचनात्मक रूप से हल करने का प्रयास करे।
8. Leverage Technology for Better Communication (बेहतर संचार के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठाएँ)
कार्यों में दक्षता बढ़ाने के लिए video conferencing, project management apps और messaging platforms जैसी तकनीकों का उपयोग करे।
9. Improve Your Public Speaking Skills (अपने सार्वजनिक बोलने के कौशल में सुधार करें)
Strong public speaking का कौशल आत्मविश्वास और विश्वसनीयता को बढ़ा सकता है।
इसका उपयोग कर्मचारियों या निवेशकों को संबोधित करते समय किया जा सकता हैं।
Public speaking का नियमित रूप से अभ्यास करें, प्रतिक्रिया लें और अपनी प्रस्तुति शैली को निखारें।
10. Follow Up and Confirm Understanding (फ़ॉलो अप करें और समझ की पुष्टि करें)
Meetings या अन्य महत्वपूर्ण चर्चाओं के बाद summary को सुनिश्चित करें।
इससे ग़लतफ़हमियाँ कम होती हैं और संदेश स्पष्ट रहते हैं।
Conclusion
Business communication का महत्व सूंचनाओं के आदान-प्रदान में उपयोग से अधिक हैं, यह संबंध बनाने, सहयोग को बढ़ावा देने और संगठनात्मक सफलता को आगे बढ़ाने के बारे में है।
व्यवसायी, प्रभावी संचार रणनीतियों को लागू करके, व्यवसाय उत्पादकता में सुधार कर सकते हैं, आंतरिक और बाहरी सम्बंधों को बेहतर बना सकते हैं और अपनी प्रतिष्ठा स्थापित कर सकते हैं।
स्पष्ट, कुशल और पेशेवर संचार को प्राथमिकता देकर, व्यवसाय खुद को अलग कर सकते हैं और एक संपन्न कार्य वातावरण बना सकते हैं जो निरंतर विकास और सफलता की ओर ले जाता है।