
Introduction
Body Language का महत्व हर क्षेत्र में हैं, लेकिन व्यापार में यह अधिक महत्वपूर्ण हैं।
Body Language, मानव व्यवहार और अन्य लोगो के साथ किए जाने वाले व्यवहार का एक महत्वपूर्ण भाग हैं।
लोगो के साथ किया जाने वाला व्यवहार, व्यापार को सफल बनाने में अपना एक अलग महत्व रखता हैं।
मानव व्यवहार पर कई किताबें लिखी जा चूकी हैं, इसके बारे में बहुत कुछ कहा जा चूका हैं। जो सामान्य लोगो को समझने में बहुत कठिनाई होती हैं।
एक आदर्श मानव व्यवहार किसे कहा जाता हैं? और एक आदर्श मानव व्यवहार कैसे किया जाए? इन सवालों के बारे में सामान्य लोगो में एक तरह का संकोच बना ही रहता हैं। इन सवालों के जवाबो का जानने की जरुरत हैं, जो कि इस प्रकार से हैं-
मानव व्यवहार या एक आदर्श मानव व्यवहार सामान्य रुप से सिर्फ दो पहलुओं पर निर्भर करता हैं- एक हैं body language और दूसरा हैं communication.
किसी भी मानव या प्राणी के द्वारा किया जाने वाला व्यवहार लगभग हर जगह, हर समय और हमेशा इन्हीं दो पहलुओं से अभिव्यक्त किया जाता हैं या उसे समझा जाता हैं।
एक व्यापारी हमेशा अपने कर्मचारियों और अपने साथियों से घिरा हुआ रहता हैं, उसे हर दिन सौदेबाज़ी करनी होती हैं, उसे हमेशा ग्राहको के व्यवहार की भविष्यवाणी करनी पड़ती हैं।
इसलिए एक व्यापारी के लिए, व्यापार में आदर्श व्यवहार को अपनाना जरुरी हैं, जिससे वह अपने व्यापार को सफल बना सके।
मानव व्यवहार के दो सबसे अधिक महत्वपूर्ण पहलुओं body language और communication में से हम इस लेख में body language पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
Definition of Body Language
Body Language को हिन्दी में शारीरिक भाषा कहते हैं।
यह non-verbal communication (गैर-मौखिक संचार) का भाग हैं।
इसका तात्पर्य इशारों (gestures), चेहरे के भावों (facial expressions), मुद्राओं (postures), आँखों की हरकतों (eye movements) और अन्य शारीरिक व्यवहारों (other physical behaviors) के माध्यम से व्यक्त किए जाने वाले गैर-मौखिक संचार से है।
शारीरिक भाषा भावनाओं (emotions), इरादों (intentions) और दृष्टिकोणों (attitudes) को व्यक्त करती हैं, जिसे verbal communication (मौखिक संचार) पूरा नही कर पाते हैं।
Importance of Body Language in Evolution
सभी प्रजातियों में शारीरिक भाषा (body language) का महत्व हैं, लेकिन मानव सभ्यता के विकास में इसका अपना महत्व रहा हैं।
शारीरिक भाषा के माध्यम से अपनी बात को अन्य इंसानो तक पहुंचाना, शब्दों के अविष्कार से पहले से चलता आया हैं।
दो अलग राज्यों या कबिलों के लोग जो एक-दूसरे के भाषा नही समझ पाते थें, वह एक-दूसरे को समझने के लिए शारीरिक भाषा (body language) का ही उपयोग करते थें।
यह अलग-अलग समाज और संस्कृति के लोगो को एक-दूसरे को समझने और उन्हें जोड़े रखने का कार्य करती हैं।
इससे समाज के लोगो का एक-दूसरे के साथ सम्बंध अधिक स्पष्ट और मजबूत होता हैं।
Importance of Body Language in Globalization
आज के वैश्वीकरण का सबसे पहले कारण शारीरिक भाषा (body language) ही हैं।
जो राजनेता या व्यापारी किसी दूसरे देश में सम्बंध स्थापित करने या व्यापार करने गया होगा। वह पूरी तरह से वहां की परिस्थिति से परिचित नही रहा होगा और ना ही वहां की भाषा से पूरी तरह परिचित रहा होगा।
इसलिए उसने सम्बंध स्थापित करने और अपना पक्ष रखने के लिए शारीरिक भाषा का अधिक उपयोग किया होगा।
The Importance of Body Language in Business
एक व्यापारी के लिए शारीरिक भाषा (body language) पर ध्यान देना इसलिए जरुरी हैं, क्योंकि इसमें ऐसे लोगो से सौदेबाज़ी करनी पड़ती हैं जो पूरी तरह से अलग क्षेत्र से हैं।
हो सकता हैं कि आपके कर्मचारी किसी दूसरे क्षेत्र से हो या सौदेबाज़ी करने आए लोगो की भाषा, पहनावा या रीति-रिवाज अलग हों।
उनके लिए यह सब नई परिस्थिति से जुझने के बराबर हैं।
यह भी हो सकता है कि अपनी कम्पनी को सफल बनाने के लिए और उसके विस्तार के लिए किसी दूसरे देश या राज्यों के कर्मचारियों की नियुक्तियां करनी पड़े।
ऐसे में अगर कम्पनी का वातावरण अलग होते हुए भी उन कर्मचारियों को नही समझा गया या उनके अपने वातावरण का सम्मान नही किया गया तो उन्हें घुटन होने लगेगी।
आज की सबसे सफल कम्पनियों में दुनिया के अलग-अलग देशो से आए हुए कर्मचारी कार्य करते है। कम्पनी जितनी अधिक सफल होगी वहां के कर्मचारियों में उतनी ही भिन्नता होगी।
एक बिजनेसमैन कभी भी सामाजिक भिन्नता को ज्ञान और कौशल के आड़े नही आने देता है। वह सबसे बेहतर ज्ञान और कौशल को ही मौका देता है चाहे वह किसी दूसरे समाज, देश, धर्म या जाति का ही क्यूं ना हो।
सिर्फ किसी की शारीरिक भाषा को समझने और अपनी शारीरिक भाषा को बेहतर और अधिक स्पष्ट बनाने से अपनी कम्पनी के अलग-अलग कर्मचारियों को नही जोड़ा जा सकता है या दूसरे देश में जाकर सौदेबाजी नही की जा सकती है, लेकिन किसी की शारीरिक भाषा को समझना और अपनी शारीरिक भाषा को स्पष्ट रखना दो अलग-अलग लोगो के बीच सम्बंध स्थापित होने की पहली वजह होती है।
इससे सम्बंध स्थापित होने के दूसरे दरवाजे खुल जाते है। पहले प्रभाव को अंतिम प्रभाव मानने वाले लोगो को अगर कहां जाए कि पहले प्रभाव को अंतिम प्रभाव क्यूं माना जाता है? तो वह इसका जवाब शायद ही दे पाएंगे।
दुनिया इसे मानती है क्योंकि यह एक मुहावरा है और दूसरे मुहावरो की तरह ही इस पर क्यूं का सवाल उठाने से पहले ही इसे स्वीकार कर लिया गया है।
इसका जवाब शारीरिक भाषा में ही छुपा हुआ है। पहला प्रभाव ही अंतिम प्रभाव होता है, क्योंकि पहली बार किसी को देखने पर या मिलने पर उसकी शारीरिक भाषा से परिचय होता है। और शारीरिक भाषा महत्वपूर्ण होती हैं, वह याद रह जाती हैं।
व्यापार करना कही नौकरी करने जैसा नही है, जहां अधिकतर बार उन्हीं लोगो से मिलना जुलना हो।
इसमें लगातार ही नए लोगो से मिलना जारी रहता है, इसमें एक ही दिन में कई नए लोगो से परिचय होते रहता है।
अगर पहला प्रभाव ही अंतिम प्रभाव है, तो इसकी वजह शारीरिक भाषा ही है और अगर पहला प्रभाव अंतिम ना होकर इसका प्रभाव शुरुआत के कुछ प्रभावों तक ही सीमित है तब भी इसकी वजह शारीरिक भाषा ही है।
Body Language Tips for Businessman
शारीरिक का परिचय, इसकी परिभाषा, मानव सभ्यता के विकास और वैश्वीकरण में इसका महत्व समझने और व्यापारी के लिए इसका महत्व समझने के बाद सही शारीरिक भाषा को अपनाने की बारी आती हैं।
सही शारीरिक भाषा कुछ नियमों का पालन करने से अपनाई जा सकती हैं, जिसमें कुछ टिप्स भी शामिल होते हैं।
सही शारीरिक भाषा को अपनाने के लिए या उसे सिखने के लिए नीचे कुछ महत्वपूर्ण टिप्स दिए गए हैं।
यह टिप्स व्यापारी के लिए महत्वपूर्ण हैं, लेकिन यह सामान्य लोगो के लिए भी लाभदायक हो सकते हैं या उन लोगो के लिए भी लाभदायक हो सकते हैं, जो व्यापारी नही हैं।
1. Eye Contact
Eye contact, आत्मविश्वास और ईमानदारी का प्रतीक हैं।
किसी इंसान से बात करते समय उसकी आंखो में देखकर बात करना, उस इंसान से सम्बंधो को बेहतर बनाने में सहायता करता हैं। लेकिन ध्यान रहे कि सामने वाले इंसान को यह अनुभव नही होना चाहिए कि आप उसे घूर रहे हैं।
साथ ही बार-बार अपनी नज़रें फेरने से बचें, क्योंकि यह बेईमानी का संकेत हो सकता हैं।
2. Good Posture
एक सही और सीधी मुद्रा, आत्मविश्वास और अधिकार दोनो का संकेत होती हैं।
बैठते समय बहुत आगे झुककर या बहुत पीछे की ओर झुककर ना बैठे। यह दोनो ही स्थितियां इंसान को उदासीन बनाती हैं।
साथ ही बैठते समय अपने पैरों की स्थितियों पर भी विशेष ध्यान दे।
3. Hand Gestures
हाथ के इशारे इंसान के संदेश को दूसरो तक मजबूती से पहुंचाने में सहायता करते हैं और एक इंसान को अधिक आकर्षक बनाते हैं।
खुली हथेली के इशारे ईमानदारी और खुलेपन का संकेत देते हैं, जबकि अत्यधिक और अनियमित इशारे ध्यान भटकाने वाले होते हैं।
4. Handshake
दृढ़ता के साथ हाथ मिलाना, आत्मविश्वास का संकेत हैं।
कमजोरी के साथ हाथ मिलाने से बचें, यह कमजोर व्यक्तित्व को दर्शाता हैं और साथ ही अधिक मजबूती के साथ हाथ मिलाने से भी बचें, यह सामने वाले व्यक्ति को आक्रामक लग सकता हैं।
हमेशा संतुलित रुप से हाथ मिलाने पर ध्यान दे, यह सम्मान को स्थापित करने में योगदान देता हैं।
5. Mirroring
किसी दूसरे व्यक्ति की शारीरिक भाषा की mirroring करने से भी जुड़ाव और तालमेल की भावना पैदा हो सकती है।
यदि सामने वाला व्यक्ति आगे की आरे झुककर कुछ कह रहा हैं तो आप भी आगे की ओर झुककर उसकी बातों को सुने। इससे सकारात्मक बातचीत को बढ़ावा मिल सकता है।
6. Facial Expressions
चेहरा हमारी आवनाओं को दर्शाता हैं। यह शब्दों के बिना सामने वाले इंसान तक कई संकेत पहुंचा सकता हैं।
इंसान की मुस्कान उसे अधिक मिलनसार बनाती हैं, जबकि भौंहें सिकोड़ना तनाव या अस्वीकृति का संकेत हो सकता है।
इसलिए सामने वाले व्यक्ति से बात करते समय सुखद चेहरे की अभिव्यक्ति बनाए रखने का अभ्यास करें।
7. Personal Space
बातचीत करते समय सामने वाले व्यक्ति के व्यक्तिगत स्थान का सम्मान करना चाहिए।
सामने वाले व्यक्ति से बहुत पास खड़े होने से दखलअंदाजी महसूस हो सकती है, जबकि बहुत दूर खड़े होने से दूरी पैदा हो सकती है।
एक सामान्य नियम यह है कि सामने वाले व्यक्ति से लगभग 2-3 फीट की दूरी बनाए रखें।
8. Nod
बातचीत करते समय कभी-कभी सिर हिलाना यह दर्शाता है कि आप सामने वाले की बातों को ध्यान से सुन रहे हैं और आपकी रुचि है।
हालाँकि, बहुत ज़्यादा सिर हिलाना निष्ठाहीन या अत्यधिक उत्सुकता के रूप में दिखाई दे सकता है। इसलिए संतुलन महत्वपूर्ण है।
9. Fidgeting
उँगलियों को टैप करना, पेन से खेलना या बार-बार हिलना-डुलना घबराहट या अधीरता का संकेत हो सकता है।
शांत और आत्मविश्वासी दिखने के लिए अपनी हरकतों को नियंत्रित रखें।
10. Walk with Purpose
आपकी चाल में आत्मविश्वास और दृढ़ता झलकनी चाहिए।
अपनी पीठ सीधी रखें, सिर ऊपर रखें और सोच-समझकर कदम उठाएँ।
बहुत तेज़ी से चलने या पैर घसिटने से बचें, क्योंकि ये दोनों ही चिंता या आत्मविश्वास की कमी का संकेत हो सकते हैं।
Conclusion
अपनी छाप छोड़ने और साथी कर्मचारियों से मजबूत सम्बंध बनाने के लिए शारीरिक भाषा (body language) में महारत हासिल करना व्यवसायियों के लिए जरुरी हैं।
इस लेख में दी गई टिप्स या युक्तियों का अभ्यास करके, आप अपना आत्मविश्वास बढ़ा सकते हैं।
साथ ही यह टिप्स प्रभावी ढंग से संवाद करने में भी अपना योगदान दे सकते हैं।
ध्यान रखे कि शारीरिक भाषा एक इंसान के शब्दों से अधिक बोलती हैं, इसलिए वह शब्दों से अधिक महत्वपूर्ण हैं।