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स्ट्रेटेजिक मैनेजमेंट प्रोसेस (Strategic Management Process) किसी भी संगठन की दीर्घकालिक सफलता और प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त (Competitive Advantage) प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण उपकरण है। यह वह प्रक्रिया है जिसके माध्यम से संगठन अपने उद्देश्यों (Goals) को निर्धारित करता है, पर्यावरण का विश्लेषण करता है, रणनीतियाँ बनाता है, उन्हें लागू करता है और लगातार मूल्यांकन करके सुधार करता है।
Strategic Management Process (स्ट्रेटेजिक मैनेजमेंट प्रोसेस) को हिंदी में रणनीतिक प्रबंधन प्रक्रिया कहा जाता है। यह एक सतत (Continuous) और चक्रीय (Cyclical) प्रक्रिया है।
स्ट्रेटेजिक मैनेजमेंट प्रोसेस के चरण
रणनीतिक प्रबंधन प्रक्रिया (स्ट्रेटेजिक मैनेजमेंट प्रोसेस) को मुख्यतः 5 प्रमुख चरणों में समझा जा सकता है:
1. मिशन, विज़न और उद्देश्यों का निर्धारण (Setting Mission, Vision and Objectives)
मिशन (Mission): संगठन का उद्देश्य और अस्तित्व का कारण बताता है।
विजन (Vision): संगठन भविष्य में क्या बनना चाहता है, इसका चित्र प्रस्तुत करता है।
उद्देश्य (Objectives): स्पष्ट, मापनीय और समयबद्ध लक्ष्य।
उदाहरण: टाटा मोटर्स का मिशन है “विश्वस्तरीय ऑटोमोबाइल उत्पाद और सेवाएँ प्रदान करना।”
2. पर्यावरणीय विश्लेषण (Environmental Scanning/Analysis)
संगठन को प्रभावित करने वाले आंतरिक और बाह्य कारकों का विश्लेषण किया जाता है।
आंतरिक विश्लेषण (Internal Analysis): संसाधन, क्षमताएँ, वित्तीय स्थिति, कर्मचारियों का कौशल।
बाह्य विश्लेषण (External Analysis): प्रतिस्पर्धी (Competitors), उपभोक्ता (Customers), बाज़ार की प्रवृत्तियाँ (Trends), सरकारी नीतियाँ।
इसके लिए SWOT विश्लेषण (Strengths, Weaknesses, Opportunities, Threats) और PESTLE विश्लेषण (Political, Economic, Social, Technological, Legal, Environmental) का उपयोग किया जाता है।
3. रणनीति निर्माण (Strategy Formulation)
इस चरण में संगठन विभिन्न विकल्पों पर विचार करता है और सर्वश्रेष्ठ रणनीति का चयन करता है।
कॉर्पोरेट स्तर की रणनीति (Corporate Level Strategy): पूरे संगठन के लिए (जैसे – विविधीकरण, विलय और अधिग्रहण)।
बिज़नेस स्तर की रणनीति (Business Level Strategy): किसी विशेष उद्योग या यूनिट में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त।
फंक्शनल स्तर की रणनीति (Functional Level Strategy): विभिन्न विभागों (मार्केटिंग, HR, फाइनेंस) की रणनीतियाँ।
4. रणनीति का क्रियान्वयन (Strategy Implementation)
रणनीति बनाने के बाद उसे व्यवहार में लाना सबसे महत्वपूर्ण कार्य है।
संसाधनों का आवंटन (Resource Allocation)
नीतियों और प्रक्रियाओं का निर्धारण
नेतृत्व और संगठनात्मक संस्कृति का निर्माण
कर्मचारियों को प्रशिक्षण एवं प्रेरणा प्रदान करना
इस चरण में सही नेतृत्व और टीमवर्क बेहद आवश्यक होते हैं।
5. रणनीति का मूल्यांकन और नियंत्रण (Strategy Evaluation and Control)
रणनीति कितनी सफल रही, यह जानना आवश्यक है।
वास्तविक प्रदर्शन और योजनाबद्ध लक्ष्यों की तुलना करना।
यदि परिणाम संतोषजनक न हों तो रणनीति में सुधार करना।
सतत फीडबैक (Continuous Feedback) लेकर नई परिस्थितियों के अनुसार रणनीति को बदलना।
यह चरण सुनिश्चित करता है कि संगठन बदलते व्यावसायिक वातावरण के अनुरूप बना रहे।
स्ट्रेटेजिक मैनेजमेंट प्रोसेस का महत्व
संगठन के लिए दीर्घकालिक दिशा प्रदान करता है।
प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त (Competitive Advantage) बनाने में मदद करता है।
संसाधनों का कुशल प्रबंधन सुनिश्चित करता है।
बदलते व्यावसायिक माहौल के अनुसार संगठन को लचीला बनाता है।
कर्मचारियों को एक साझा उद्देश्य की ओर कार्य करने के लिए प्रेरित करता है।
उदाहरण
Amazon: ग्राहक-केंद्रित रणनीति अपनाकर विश्व का सबसे बड़ा ई-कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म बना।
Infosys: तकनीकी नवाचार और गुणवत्ता सेवाओं पर फोकस करके वैश्विक IT सेक्टर में अग्रणी बनी।
निष्कर्ष
स्ट्रेटेजिक मैनेजमेंट प्रोसेस किसी भी संगठन के लिए केवल एक प्रबंधन तकनीक नहीं बल्कि सफलता का रोडमैप है। यह प्रक्रिया संगठन को न केवल वर्तमान प्रतिस्पर्धा में टिके रहने में मदद करती है, बल्कि भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए भी तैयार करती है।
सही रणनीति का चयन, उसका प्रभावी क्रियान्वयन और निरंतर मूल्यांकन किसी भी संगठन को स्थायी सफलता दिला सकता है।





