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व्यापार और गणित में लाभ प्रतिशत (Profit Percentage) एक महत्वपूर्ण अवधारणा है। जब भी कोई व्यक्ति वस्तु या सेवा बेचता है, तो उसे यह जानना होता है कि उसे अपने निवेश (क्रय मूल्य) पर कितने प्रतिशत का लाभ हुआ। इस गणना के लिए प्रॉफिट परसेंटेज फॉर्मूला का उपयोग किया जाता है।
इस ब्लॉग में हम लाभ प्रतिशत की परिभाषा, उसका सूत्र, उदाहरण और उपयोग विस्तार से समझेंगे।
Table of Contents
Toggleलाभ (Profit) क्या है?
जब किसी वस्तु का विक्रय मूल्य (Selling Price – SP), उसकी क्रय मूल्य (Cost Price – CP) से अधिक होता है, तो अंतर को लाभ (Profit) कहते हैं।
सूत्र:
लाभ=विक्रयमूल्य−क्रयमूल्यलाभ = विक्रय मूल्य – क्रय मूल्यलाभ=विक्रयमूल्य−क्रयमूल्य
लाभ प्रतिशत (Profit Percentage) क्या है?
लाभ प्रतिशत यह बताता है कि खरीदी गई वस्तु के क्रय मूल्य के मुकाबले हमें कितने प्रतिशत का लाभ हुआ है।
सूत्र:
लाभ%=लाभक्रयमूल्य×100लाभ \% = \frac{लाभ}{क्रय मूल्य} \times 100लाभ%=क्रयमूल्यलाभ×100
ध्यान रखें: लाभ प्रतिशत हमेशा क्रय मूल्य (CP) पर आधारित होता है।
प्रॉफिट एंड लॉस फॉर्मूला (Profit and Loss Formula) और उदाहरण
प्रॉफिट परसेंटेज फॉर्मूला (Profit Percentage Formula)
लाभ का सूत्र:
लाभ=SP−CPलाभ = SP – CPलाभ=SP−CPलाभ प्रतिशत का सूत्र:
लाभ%=(SP−CP)CP×100लाभ \% = \frac{(SP – CP)}{CP} \times 100लाभ%=CP(SP−CP)×100विक्रय मूल्य (Selling Price) निकालने का सूत्र जब लाभ प्रतिशत ज्ञात हो:
SP=CP×(1+लाभ%100)SP = CP \times \Big(1 + \frac{लाभ \%}{100}\Big)SP=CP×(1+100लाभ%)
उदाहरण (Examples)
उदाहरण 1:
एक घड़ी ₹400 में खरीदी और ₹500 में बेची। लाभ प्रतिशत ज्ञात कीजिए।
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CP = ₹400
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SP = ₹500
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लाभ = SP – CP = 500 – 400 = ₹100
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लाभ % = (100 ÷ 400) × 100 = 25%
यानी, घड़ी बेचने पर 25% का लाभ हुआ।
उदाहरण 2:
एक दुकानदार ने ₹2000 में एक मोबाइल खरीदा और उस पर 15% लाभ कमाकर बेचना चाहता है। विक्रय मूल्य निकालिए।
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CP = ₹2000
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लाभ % = 15%
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SP = CP × (1 + लाभ % ÷ 100)
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SP = 2000 × (1 + 15 ÷ 100)
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SP = 2000 × 1.15 = ₹2300
दुकानदार को मोबाइल ₹2300 में बेचना चाहिए।
लाभ प्रतिशत का महत्व (Importance of Profit Percentage)
यह व्यापारियों को सही मूल्य निर्धारण (Pricing Strategy) तय करने में मदद करता है।
वित्तीय लेन-देन और निवेश में लाभ का आकलन करने के लिए उपयोगी है।
प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे SSC, Banking, Railway, UPSC में गणित के प्रश्नों में लाभ-हानि से जुड़े सवाल अक्सर पूछे जाते हैं।
व्यक्तिगत जीवन में भी यह जानना जरूरी है कि आपकी खरीद-बिक्री में वास्तविक लाभ कितना हुआ।
निष्कर्ष
प्रॉफिट परसेंटेज फॉर्मूला (Profit Percentage Formula) को समझना और उपयोग करना व्यापार, निवेश और दैनिक जीवन की दृष्टि से बेहद आवश्यक है। यदि आप इसे अच्छे से समझते हैं तो न केवल गणित के सवाल आसानी से हल कर पाएंगे बल्कि अपने व्यापारिक लेन-देन में भी सही निर्णय ले सकेंगे।
Profit Percentage Formula – FAQs (लाभ प्रतिशत का सूत्र : अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
लाभ प्रतिशत (Profit Percentage) क्या होता है?
लाभ प्रतिशत यह दर्शाता है कि किसी वस्तु या व्यापार में क्रय मूल्य की तुलना में कितना प्रतिशत लाभ हुआ है।
लाभ प्रतिशत का सूत्र (Profit Percentage Formula) क्या है?
लाभ प्रतिशत = (लाभ ÷ क्रय मूल्य) × 100
लाभ (Profit) कैसे निकाला जाता है?
लाभ = विक्रय मूल्य – क्रय मूल्य
क्रय मूल्य (Cost Price) क्या होता है?
क्रय मूल्य वह कीमत होती है जिस पर वस्तु को खरीदा जाता है।
विक्रय मूल्य (Selling Price) क्या होता है?
विक्रय मूल्य वह कीमत होती है जिस पर वस्तु को बेचा जाता है।
लाभ प्रतिशत की गणना क्यों की जाती है?
इससे व्यापार की लाभप्रदता को समझने और विभिन्न सौदों की तुलना करने में मदद मिलती है।
क्या लाभ प्रतिशत हमेशा क्रय मूल्य पर निकाला जाता है?
हाँ, सामान्यतः लाभ प्रतिशत की गणना क्रय मूल्य के आधार पर की जाती है।
लाभ प्रतिशत का उपयोग कहाँ किया जाता है?
इसका उपयोग व्यापार, अकाउंटिंग, गणित, वित्त और प्रतियोगी परीक्षाओं में किया जाता है।
लाभ प्रतिशत अधिक होने का क्या अर्थ है?
इसका अर्थ है कि व्यापार या सौदे से अधिक लाभ प्राप्त हुआ है।
लाभ प्रतिशत की गणना कौन करता है?
व्यापारी, छात्र, अकाउंटेंट और वित्तीय विश्लेषक लाभ प्रतिशत की गणना करते हैं।





