सुपर प्रॉफिट फॉर्मूला: परिभाषा, महत्व और गणना करना सीखें

सुपर प्रॉफिट

Designed by Freepik

व्यवसाय की दुनिया में लाभ (Profit) को समझने के कई तरीके हैं। जब किसी कंपनी की कमाई सामान्य लाभ (Normal Profit) से अधिक होती है, तो उस अतिरिक्त लाभ को सुपर प्रॉफिट (Super Profit) कहा जाता है।
सुपर प्रॉफिट यह बताता है कि कंपनी ने अपनी दक्षता (Efficiency), ब्रांड वैल्यू, प्रबंधन और रणनीतियों के कारण सामान्य लाभ से कितना अधिक कमाया है।

इस लेख में हम सुपर प्रॉफिट फॉर्मूला (Super Profit Formula), उसका महत्व और उदाहरणों पर चर्चा करेंगे।

सुपर प्रॉफिट का अर्थ है – व्यवसाय द्वारा अर्जित वास्तविक लाभ (Actual Profit) और सामान्य लाभ (Normal Profit) के बीच का अंतर

  • अगर कंपनी का वास्तविक लाभ सामान्य लाभ से अधिक है → अतिरिक्त राशि सुपर प्रॉफिट कहलाती है।

  • अगर वास्तविक लाभ सामान्य लाभ के बराबर है → सुपर प्रॉफिट शून्य होगा।

  • अगर वास्तविक लाभ सामान्य लाभ से कम है → तो इसे लॉस (हानि) माना जाएगा।

सुपर प्रॉफिट फॉर्मूला (Super Profit Formula)

सुपर प्रॉफिट निकालने का सामान्य सूत्र है:

Super Profit = Actual Profit – Normal Profit

हिंदी में:

सुपर प्रॉफिट = वास्तविक लाभ – सामान्य लाभ

सामान्य लाभ (Normal Profit) कैसे निकालें?

सामान्य लाभ का सूत्र:

Normal Profit = Capital Employed × Normal Rate of Return (NRR) ÷ 100

जहाँ,

  • Capital Employed = व्यवसाय में निवेश की गई पूंजी

  • Normal Rate of Return (NRR) = औसत दर, जिस पर समान उद्योगों में व्यवसाय लाभ कमाते हैं

नेट प्रॉफिट फॉर्मूला: परिभाषा, महत्व और गणना करना सीखें

उदाहरण द्वारा समझें

मान लीजिए:

  • कंपनी का वास्तविक लाभ (Actual Profit) = ₹5,00,000

  • निवेश की गई पूंजी (Capital Employed) = ₹20,00,000

  • सामान्य लाभ की दर (NRR) = 15%

Step 1: Normal Profit = Capital Employed × NRR ÷ 100
= 20,00,000 × 15 ÷ 100
= ₹3,00,000

Step 2: Super Profit = Actual Profit – Normal Profit
= 5,00,000 – 3,00,000
= ₹2,00,000

यानी कंपनी का सुपर प्रॉफिट ₹2,00,000 है।

सुपर प्रॉफिट का महत्व (Importance of Super Profit)

Importance of Super Profit
  1. व्यवसाय की असली क्षमता दर्शाता है – यह दिखाता है कि कंपनी अपनी औसत क्षमता से कितनी बेहतर कमाई कर रही है।

  2. गुडविल का मूल्यांकन – सुपर प्रॉफिट का उपयोग अक्सर कंपनी की Goodwill (प्रतिष्ठा और ब्रांड वैल्यू) की गणना के लिए किया जाता है।

  3. निवेश निर्णयों के लिए उपयोगी – निवेशक उन कंपनियों में अधिक रुचि लेते हैं जिनका सुपर प्रॉफिट लगातार अच्छा होता है।

  4. प्रबंधन की दक्षता का संकेत – अगर सुपर प्रॉफिट उच्च है, तो इसका मतलब है कि प्रबंधन ने संसाधनों का बेहतर उपयोग किया है।

Gross Profit Formula: परिभाषा, महत्व और गणना करना सीखें

सुपर प्रॉफिट बनाम सामान्य लाभ (Super Profit vs. Normal Profit)

पहलू (Aspect)सामान्य लाभ (Normal Profit)सुपर प्रॉफिट (Super Profit)
परिभाषापूंजी और सामान्य दर पर आधारित औसत लाभवास्तविक लाभ और सामान्य लाभ के अंतर से प्राप्त लाभ
सूत्र (Formula)Normal Profit = Capital Employed × NRR ÷ 100Super Profit = Actual Profit – Normal Profit
महत्वऔसत व्यवसायिक क्षमता को दर्शाता हैव्यवसाय की अतिरिक्त दक्षता और ब्रांड वैल्यू को दर्शाता है
उपयोगसामान्य लाभ दर की गणनागुडविल और असाधारण लाभ का मूल्यांकन

निष्कर्ष (Conclusion)

सुपर प्रॉफिट फॉर्मूला व्यवसाय की वास्तविक क्षमता को मापने और उसकी गुडविल का मूल्यांकन करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
जब कोई कंपनी अपने सामान्य लाभ से अधिक कमाई करती है, तभी उसे सफल और प्रतिस्पर्धी माना जाता है।

संक्षेप में:

  • सुपर प्रॉफिट = वास्तविक लाभ – सामान्य लाभ

  • और, सामान्य लाभ = पूंजी × सामान्य रिटर्न दर ÷ 100

ऑपरेटिंग प्रॉफिट फॉर्मूला: परिभाषा, महत्व और गणना करना सीखें

Super Profit Formula – FAQs (सुपर प्रॉफिट / अधिलाभ सूत्र : अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

सुपर प्रॉफिट (Super Profit) क्या होता है?

सुपर प्रॉफिट वह अतिरिक्त लाभ होता है जो सामान्य लाभ (Normal Profit) से अधिक अर्जित किया जाता है।

सुपर प्रॉफिट = वास्तविक लाभ – सामान्य लाभ

सामान्य लाभ वह न्यूनतम लाभ है जिसकी अपेक्षा व्यवसायी अपने निवेश और जोखिम के बदले करता है।

जब व्यवसाय की आय सामान्य लाभ से अधिक होती है, तब सुपर प्रॉफिट प्राप्त होता है।

इसका उपयोग गुडविल (Goodwill) के मूल्यांकन और साझेदारी खातों में किया जाता है।

शुद्ध लाभ कुल आय से सभी खर्च घटाने पर मिलता है, जबकि सुपर प्रॉफिट शुद्ध लाभ और सामान्य लाभ के अंतर को दर्शाता है।

यह व्यवसाय की अतिरिक्त कमाई क्षमता और प्रतिष्ठा (Goodwill) को दर्शाता है।

अच्छी ब्रांड छवि, कुशल प्रबंधन, विशेष अधिकार (Monopoly) और उच्च मांग इसके कारण हो सकते हैं।

हाँ, यदि वास्तविक लाभ सामान्य लाभ से कम हो, तो सुपर प्रॉफिट नकारात्मक हो सकता है।

अकाउंटेंट्स, वित्तीय विश्लेषक और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स सुपर प्रॉफिट की गणना करते हैं।

Share This Post On
Scroll to Top